STORYMIRROR

जब तलक तुम...

जब तलक तुम मेरे करीब रहे दोस्त मेरे, मेरे रकीब रहे..... संवारी थी तुमने जिन्दगी मेरी बनके मेरा तुम नसीब रहे.....

By Sanjay Pathade Shesh
 205