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जब देख लू चेहरा...
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जब देख लू...
“
जब देख लू चेहरा तेरा तो दिल को सुकूं मिल जाता है, मेरे मन के सूने कोने में सवेरे का सूरज खिल जाता हैं, कुछ नही फिर भी बहुत कुछ दिल कहने को मचला, यू ही नही मैं सहर को तेरे बिन घूमने निकल जाता हूँ।। शिवेंद्र मिश्रा"आकाश"
”
By
shivendra mishra 'आकाश'
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kavitarangmanch
shivendra975
prakashswain
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shivendra mishra 'आकाश'
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