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जब चांद के...

जब चांद के इश्क़ में डूब चली थी मै सूरज ने किरणों संग इजहार कर दिया चांद की नजाकत और सूरज की शरारत लिए मैंने खुद से ही फिर मोहब्बत कर लिया

By Shilpa Mahto
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