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इस निस्तार...
“
इस निस्तार जगत में हम सब ही, निज निसर्ग (प्रकृति) के ही सहारे। जग में अपने भी पराए हो सकते हैं, और पराए भी तो हो सकते हैं हमारे। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
279
निस्सार जगत
निज निसर्ग
सहारे
अपने भी पराए
पराए
बुजुर्गहमारेवटवृक्ष
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hindi quote
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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