STORYMIRROR

इस जगत में...

इस जगत में होता प्रेम का आधार, होता है स्वप्रेम मानता यह संसार। यदि स्वयं से प्रेम जब हम कर पाएंगे, तब ही तो इसे दूसरों को दे पाएंगे। @ डी पी सिंह कुशवाहा @

By Dhan Pati Singh Kushwaha
 250


More hindi quote from Dhan Pati Singh Kushwaha
1 Likes   0 Comments
1 Likes   1 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments