STORYMIRROR

इन्तज़ार का...

इन्तज़ार का मज़ा ही कुछ अलग है, तड़प ये मिलने की भी अब अलग है, सफर अब यों रोमांचक हो चला कि, मंज़िल की बेड़ियों की बात ही कुछ अलग है।

By Juhi Grover
 53


More hindi quote from Juhi Grover
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments