STORYMIRROR
होम
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
खरीदें
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
अकादमी
हमारे बारे में
हमारे साथ जुडे
संपर्क करें
लॉग इन करें
Sign Up
Terms & Condition
गोपनीयता नीति"
श्रृंखला
कहानी
कविता
कोट
ऑडियो
प्रतियोगिताएं
पुरस्कार
खरीदें
अकादमी
गिवअवे
हमारे बारे में
संपर्क करें
ईश्वर...
ईश्वर अंतर्निहित...
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
लाइब्रेरी
नियम और शर्ते
गोपनीयता नीति"
साइनअप
लॉग इन
En
English
Hi
हिन्दी
Gu
ગુજરાતી
Ma
मराठी
Or
ଓଡ଼ିଆ
Bn
বাংলা
Te
తెలుగు
Ta
தமிழ்
Ka
ಕನ್ನಡ
Ml
മലയാളം
फीड
लाइब्रेरी
लिखें
सूचना
प्रोफाइल
ईश्वर...
“
ईश्वर अंतर्निहित है हर तन में, हम मन में रखें दृढ़ विश्वास। शौर्य-धैर्य-संकल्प रूप में वह, है हरदम हम सबके ही पास। जब तक अंश तब तक ही है, पवित्र तन-मन होता है अहसास। ज्यों ही निकले अंश यह तन से फिर कर न सके कोई कुछ खास। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
355
प्रेमहिईश्वरहै
अंतर्निहित है हर मन में
शौर्य-धैर्य-संकल्प रूप में
जब तक अंश
पवित्र तन-मन
More
hindi quote
from
Dhan Pati Singh Kushwaha
सब देखें
0
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
1
Likes
0
Comments
0
Likes
0
Comments
25
0
00:00
00:00
Download StoryMirror App