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ईश्वर अंतर्निहित...
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ईश्वर...
“
ईश्वर अंतर्निहित है हर तन में, हम मन में रखें दृढ़ विश्वास। शौर्य-धैर्य-संकल्प रूप में वह, है हरदम हम सबके ही पास। जब तक अंश तब तक ही है, पवित्र तन-मन होता है अहसास। ज्यों ही निकले अंश यह तन से फिर कर न सके कोई कुछ खास। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
342
प्रेमहिईश्वरहै
अंतर्निहित है हर मन में
शौर्य-धैर्य-संकल्प रूप में
जब तक अंश
पवित्र तन-मन
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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