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हर रोज़ चुपके से...
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हर रोज़...
“
हर रोज़ चुपके से निकल आते हैं नए पत्ते... यादों के दरख्तों में क्यूँ पतझड़ नहीं होते...!!!
”
By
DrYasmeen S
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hindi quote
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DrYasmeen S
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