STORYMIRROR

हमने तो...

हमने तो परिंदो को खुली हवा में बेपरवाह, मस्त उड़ते-उड़ते, मंजिलों पर पहुंचते देखा है, तो फिर हम इंसानों के लिए ही कटीली पथरीली राहों पर चल कर मंजिलें पाने की बंदिश क्यों...

By Rajesh SAXENA
 78


More hindi quote from Rajesh SAXENA
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments