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हम ये सोच...
“
हम ये सोच कर खामाखां परेशान थे कि हम किसी को खास पंसद नहीं हम तो उस तकदीर के सबसे प्रिय खिलौना है वो हमें हर शाम बड़ी शीद्दत से जोड़ती है सवेरे सलीके से तोड़ने के लिए
”
By
Thakur Sakshi Raghav
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लकिरऔरतकदीर
अनोखासफर
खिलौना
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