STORYMIRROR

हम तो...

हम तो दुआयें ही माँगते रह गये दुश्मन के लिए भी, हमारे लिए तो दोस्त भी बस बद्दुआ देते चले गये, सब के ज़ख्मों पर मरहम बेमतलब हम लगाते रहे, लोग हमारे ही ज़ख्मों पर नमक छिड़कते चले गये।

By Juhi Grover
 224


More hindi quote from Juhi Grover
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments