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हाथों से...

हाथों से निकल रहा तू रेत की तरह रहा साथ सूरज की तरह चमका चंदा की तरह बीत रहा तू लाखो यादों के साथ दे जा रहा साथ नए साल का नीरू

By Niru Singh
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