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गूंजता रहता...

गूंजता रहता है देर तक तुम्हारे जाने के बाद देह में मेरी प्रेम के उदात्त क्षणों में उठा तुम्हारी साँसों का अनहद नाद.... डॉ विनीता राहुरिकर

By vinita rahurikar
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