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गुस्से मे एक दिन...
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गुस्से मे...
“
गुस्से मे एक दिन खाना मै सिरहाने रख कर सो गई थी उस रात मेरी मां भी भूखी बैचेन हो कर सोई थी
”
By
Thakur Sakshi Raghav
198
आसमां
बैचेन
मेरे लिए
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hindi quote
from
Thakur Sakshi Raghav
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