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घृणा से भरी...

घृणा से भरी भीड़ के बीच वो लाठी के सहारे भीख मांग रही थी,आवाज़ आयी"तुझे शर्म नहीं आती बुढ़िया!!?? कांपते हुए आवाज़ में वो बोली, ”अकेली हूँ,भूख से बेशर्म बन गई हूँ बेटा"...

By Shishira Pathak
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