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ग़म की क़ैद में...
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ग़म की क़ैद...
“
ग़म की क़ैद में खुशियों की दम घुटने लगी है| अब ज़रा बाहर झांककर तो देखो, दर्द की बदली छंटने लगी है|
”
By
Surekha Navratna
64
तपाकर ग़म भट्टी
मनकीसुंदरताकोखूबसूरतहीसमझनाबाहरीसुंदरताकेदिखावेसेहमेशाबचना
क़ैद
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hindi quote
from
Surekha Navratna
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