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बीतेदिनयादें दूसरा मलाल करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे आज कल आज गया गुज़रा मुद्दत दुनियां वैसी साल दर साल सच ख़ुशी बिता हुआ आना जाना उत्सव पिंजरबंद बसंत उमंग चाहतेहोजिंदगीकोसमझनातोपीछेदेखो हम उत्साह