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आज कल आज हम साल दर साल आना जाना ख़ुशी बसंत चाहतेहोजिंदगीकोसमझनातोपीछेदेखो मलाल भारत भूमि बिता हुआ सच उत्साह ना आया पिंजरबंद करनापड़ताहैसबकोहीश्रम।देताहैपरमात्मासिर्फलकीरे उत्सव दूसरा हमसफरकुतलाशपरलिखीगईयहमेरीकविताहैं गया गुज़रा सपने खुली आँखों के