STORYMIRROR

एक शाम...

एक शाम रस्ते पर खड़ी मैं यह सोचती हूँ, 'मंजिल कितनी दूर है?' ये पेड़ स्थायी मुझ पथिक को आराम पूछते हैं, अब इन्हें कौन बताये हम सफर पर निकले है ठहरने नहीं । - मोनिका शर्मा

By Monika Sharma
 371


More hindi quote from Monika Sharma
11 Likes   0 Comments
20 Likes   0 Comments