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एक अबोध...
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एक अबोध...
“
एक अबोध बालक रौशनी के लिये हम प्रार्थना रत तुम मिलोगे
”
By
DR ARUN KUMAR SHASTRI
29
मोतीलाल
प्रेमहिईश्वरहै
यहां जग हंसाई नहीं हों।
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hindi quote
from
DR ARUN KUMAR SHASTRI
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