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दिल टूटा है...

दिल टूटा है मगर हौसला नहीं .... बिगड़े मुकद्दर को हम फिरसे बना लेंगे..!! कोशिश अपनी जारी है..... हम वीराने को फिरसे.. गुलिस्तान बना लेंगे..!! लेखिका--प्रतिभा द्विवेदी उर्फ मुस्कान© सागर मध्यप्रदेश (28 जून 2019 )

By pratibha dwivedi
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