STORYMIRROR

दिल दर्द और...

दिल दर्द और मौत के दरमियान आखिर कौन है। मां की लाडली और पिता की शहजादी का गुनहगार कौन है। समाज के बनाए जा दकियानूसी, रिवाजों का जिम्मेदार कौन है। पति के रुप में मिला शैतान, पत्नी पर भारी है। ऐ दहेज तू भी कितनी जालिम है, निगल चुकी आयशा को तू कितनी शक्तिशाली है। तड़पो, चीखों, चिल्लाओं, न्याय की आशा में अब देखे आखिर किसकी बारी है,

By suneeta gond
 282


More hindi quote from suneeta gond
0 Likes   0 Comments
12 Likes   0 Comments
25 Likes   0 Comments
18 Likes   0 Comments
22 Likes   0 Comments