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दीन-दयाल राम घर...
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दीन-दयाल...
“
दीन-दयाल राम घर आये, सुर,नर-नारी परम सुख पाये। देश-विदेश पुलक अति भारी,पूर्ण कामना जनमन सारी। द्वार -द्वार नव दीप जले हैं, जस सौ-सूरज गगन तले हैं। राम-नाम भय,संकट-त्राता,चरण-कमल रज चाहूँ दाता। a m prahari
”
By
Anil Mishra Prahari
36
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