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डूबता हुआ...

डूबता हुआ चांद भी मेरी जिंदगी पे हंस रहा है प्रिये .. लेकिन उगता हुआ सूरज भी मेरी जिंदगी की सलामती दे रहा है प्रिये ...........कमल........ .

By Kamal Patidar
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