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चमक रहीं...

चमक रहीं चहुं दिशाएं, पर्वत झूमे मतवाले हैं, हर्षित होता जनमानस, खुशियों के नवल उजाले हैं..... खंडित हो रहा सारा उन्माद असत्य गंदगी का, दीपक जला रहे वैमनस्यता, सबल चमक उजाले हैं..... #मेरीकलमसे #राहुलयादव #निशब्द

By Rahul Yadav Nishabad
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