STORYMIRROR

चल रही है...

“ चल रही है ये हवा, या तुम मचल रही हो, बिजलियों का कौंध है , या तुम मन मे गरज़ रही हो, चाहती हो बरसना मुझ पर, या मन ही मन बस डोल रही हो, घनी रात है कैसी, ऊपर से सर्द मौसम, बरस भी जाओ ”

By मनोज कुमार
 178