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चल रही है...

चल रही है ये हवा, या तुम मचल रही हो, बिजलियों का कौंध है , या तुम मन मे गरज़ रही हो, चाहती हो बरसना मुझ पर, या मन ही मन बस डोल रही हो, घनी रात है कैसी, ऊपर से सर्द मौसम, बरस भी जाओ

By मनोज कुमार
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