STORYMIRROR

चल रही है...

चल रही है ये हवा, या तुम मचल रही हो, बिजलियों का कौंध है , या तुम मन मे गरज़ रही हो, चाहती हो बरसना मुझ पर, या मन ही मन बस डोल रही हो, घनी रात है कैसी, ऊपर से सर्द मौसम, बरस भी जाओ

By मनोज कुमार
 169


More hindi quote from मनोज कुमार
0 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments

Similar hindi quote from Romance