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चारो तरफ से टूट...
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चारो तरफ से...
“
चारो तरफ से टूट के बिखर के जब भी आती हूं । मुझे जब भी कोई दुख देता है। जब भी कोई मुझ से नफरत करता है। मुझे सिर्फ तेरा चेहरा याद आता है अनुराधा कुमारी ❤️
”
By
Anuradha Kumari
43
मैंजिन्दाहूँ
हमप्यारऔररिस्तोंकोकिसीकेदिलपरजबरदस्तीथोपनहीसकते।🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸
तुम
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Anuradha Kumari
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