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“
बिना स्वार्थ के सदा शुभ ही करें, साथ निभाएं ज्यों मनभावन इत्र। रक्त से बढ़कर है इस जगत में, मित्रता का नाता और प्यारे से मित्र। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
312
बिना स्वार्थ
सदा शुभ
साथ निभाएं
मनभावन इत्र
मित्रता का नाता
प्यारे से मित्र
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hindi quote
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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