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भाव हो वसुधैव...
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भाव हो...
“
भाव हो वसुधैव कुटुंबकम् का, अनजान न हो कोई कहीं पर। जगत का हर मानव होगा परिजन, और हर घर होगा हमारा अपना घर। # गायत्री सिंह #
”
By
Gayatri Singh
61
वसुधैव कुटुंबकम्
हर मानव होगा परिजन
हर घर बनेगा विद्यालय
अपना घर
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hindi quote
from
Gayatri Singh
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