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भागते जीवन में...
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भागते जीवन...
“
भागते जीवन में कभी रोटी जली बनती थी तो कभी सब्जी में मिर्ची ज्यादा होती थी समय मिला है फुर्सत में पकवान बनाने की मौका अच्छा है सपनों के महल सजाने की --कंचन प्रभा
”
By
Kanchan Prabha
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रोटी
आणिनितीमत्ताजिवनाचेहेत्रीसुत्रअंगिकारूनचालतराहणे.हाचजीवनप्रवासहोय.🌸अस्मिताप्रशांतपुष्पांजलि🌸भंडारा
प्यार की सब्जी
मिर्ची
फुर्शत
पकवान
कंचन प्रभा
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Kanchan Prabha
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