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बातों का ...

बातों का तुम्हारी असर हो गया है ज़ख्म अब बढ़ के कर्क हो गया है जिस्म के कर्क का तो इलाज है पर समाज का कर्क लाईलाज हो गया है ©राहुल मोलासी

By Rahul Molasi
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