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जीवन अपने सिनेमा जैसा रोज़ का हसना रोज़ का ड्रामा हर सीन यहां पर असली है रीटेक के नहीं अनुमति है ताजुरबो में क्रेडिट मिलता है कभी हाउस फुल कभी फ्लॉप है जीवन अपना सिनेमा जैसा ©राहुल मोलासी
वो क्या है इस जहां जिसको नहीं जीता है इंसा ने के छीन लाए है ज़िन्दगी को मौत के मकान से रख हौसला के हमने देखा है कितनो को जाते हुए हारते कैंसर के रोग को ©राहुल मोलासी