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अज्ञान रूपी तम...
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अज्ञान रूपी...
“
अज्ञान रूपी तम कर सकता विकृत हमारे जीवन में विविध क्षेत्रों के हालात। सीखने को सदा तत्पर प्रवृत्ति के साथ विवेकपूर्ण नियोजन संग करें नई शुरुआत। @ डी पी सिंह कुशवाहा @
”
By
Dhan Pati Singh Kushwaha
268
अज्ञान रूपी तम
प्रकृतीमाणसाच्यामनाचीविकृती
सीखने को सदा तत्पर
विवेकपूर्ण नियोजन
नई शुरुआत
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Dhan Pati Singh Kushwaha
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