STORYMIRROR

आते जाते...

आते जाते मुझे निहारे। पल-पल मेरा रूप सँवारे। भला लगे उजला उसका तन। क्या सखि साजन? ना सखि दर्पन! -कल्पना रामानी,नवी मुंबई

By कल्पना रामानी
 119


More hindi quote from कल्पना रामानी
2 Likes   0 Comments
2 Likes   1 Comments
5 Likes   3 Comments
1 Likes   0 Comments
1 Likes   0 Comments