“
आओ सब मिल कर बात करें
मुलाकातें बार-बार करें
कभी सोचा है कि कितने तन्हा हैं हम सब
यूँ तो कहने को जुड़े हैं पूरी दुनिया से हम
पर साथ बैठ के दो घडी
गपशप भी नही करते अब
वो चाय की चुस्कियाँ ..
वो पकौड़ों की महक को
चलो फिर से आबाद करें
आओ सब मिल कर बात करें
”