STORYMIRROR

Mansha Poddar

Children Stories

3  

Mansha Poddar

Children Stories

मिठाईयाँ

मिठाईयाँ

1 min
184

जब आतें है त्योहार तभी आती है ये मिठाईयाँ, 

देख मन इनको खुश हो जाता है जब आती है ये मिठाईयाँ  

दिल भी झूम जाता है जब खाते ये मिठाईयाँ, 

हर खुशी की शोभा बढ़ाती है ये मिठाईयाँ 

हर अच्छे कार्य की शुरुआत होती है ये मिठाईयाँ, 

हर एक इंसान को भा जाती है ये मिठाईयाँ 

हर एक इंसान की पहली पसंद है ये मिठाईयाँ

खाकर इनको स्वाद की बरसात होती है, 

रंग और आकर में ये कमाल होती है 

बच्चों से लेकर बड़ों की ये खास होती है, 

पहचान इनकी ये प्यारी मिठास होती है! 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Mansha Poddar