I'm श्री कृष्णा गौशाला and I love to read StoryMirror contents.
आज़ाद था आजा़द हूँ आज़ाद रहूँगा! बन के लहू देश की नस-नस में बहूँगा! आज़ाद था आजा़द हूँ आज़ाद रहूँगा! बन के लहू देश की नस-नस में बहूँगा!