खामोशी में जीना सीख लिया है मैंने, ज़िम्मेदारियों ने मुझे वक्त से पहले बड़ा कर दिया…
व्यवहार<br>इंसान की पहचान उसके चेहरे से नहीं,<br>उसके व्यवहार से होती है…<br>मीठे शब्द सब बोल लेते ह... व्यवहार<br>इंसान की पहचान उसके चेहरे से नहीं,<br>उसके व्यवहार से होती है…<br>मीठ...
धोखा वो नहीं जो अजनबी दे जाए,<br> धोखा तो वो है <br>जो अपना बनकर मिले…<br> जिस पर सब... धोखा वो नहीं जो अजनबी दे जाए,<br> धोखा तो वो है <br>जो अपना बनकर मिले...
🌙 “टूटकर भी” सब कहते हैं, मैं मजबूत हूँ, पर कोई ये नहीं पूछता— कितनी बार टूटी हूँ मैं… 🌙 “टूटकर भी” सब कहते हैं, मैं मजबूत हूँ, पर कोई ये नहीं पूछता— कितनी बार टूटी हू...
“पापा… एक बार”<br>पापा… एक बार आ जाओ ना,<br>बस एक बार बात कर लो ना…<br>मैं वही हूँ, आपकी बेटी, “पापा… एक बार”<br>पापा… एक बार आ जाओ ना,<br>बस एक बार बात कर लो ना…<br>मैं वही ह...
मैं टूटी तो कई बार, मगर बिखरी नहीं, आँखों में अश्क थे, पर मैं कभी ठहरी नहीं। लोग आए, दिए ज़ख़्म और च... मैं टूटी तो कई बार, मगर बिखरी नहीं, आँखों में अश्क थे, पर मैं कभी ठहरी नहीं। लोग...
"मन की धूप-छाँव" छोटे-छोटे ख्वाबों की चादर तानी, हर दर्द को चुपचाप ही पहचानी। मुस्कानों में छ... "मन की धूप-छाँव" छोटे-छोटे ख्वाबों की चादर तानी, हर दर्द को चुपचाप ही पहच...
मुझे कभी कभी लगता था कि, मुझे बदल जाना चाहिए था, वक्त के साथ। मुझे कभी कभी लगता था कि, मुझे बदल जाना चाहिए था, वक्त के साथ।
जिसकी जितनी "जरूरत" थी_ _उसने उतना ही "पहचाना "मुझे! जिसकी जितनी "जरूरत" थी_ _उसने उतना ही "पहचाना "मुझे!
यह जानते हुए कि वे कभी भी अपने कार्यों के परिणामों से पूरी तरह से नहीं बच पाएंगे। यह जानते हुए कि वे कभी भी अपने कार्यों के परिणामों से पूरी तरह से नहीं बच पाएंगे...