I'm VIKAS KUMAR and I love to read StoryMirror contents.
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आज जब तुम्हारे पास हूँ तो रूठी हो!! कल जब बहुत दूर चला जाऊंगा तो सोचोगी, काश कुछ बातें और कर ली होती!!
इश्क़ राख हो चला है मेरा कितनी भी कोशिश करलो अब न सुलगेगी ! हैरान क्यू होती हो ये जानकर? इस आग की पहली तीली तुम्ही ने तो फेकी थी blueink#vikaskumarmishra
हवा जब कभी पुरानी चिंगारियों पर लगती है! दिल की ये आग पूरे शबाब से धधकती है! #blueink,#vikaskumarmishra
कहते हैं मुझमे अब वो बात नहीं चोट दिल की है या हालातों की, मालूम नही । जलवे अब वो न रहे जो दास्तानों में कैद है अफ़साने अंजाम हुए कबके और तारीखे मालूम नही । @Vikas kumar mishra