VIKAS KUMAR MISHRA
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पन्ने पलटकर देखे तो भी क्या? स्याहियाँ मिटाई नही जा सकती! कुछ और लिखा भी नही जा सकता!!

आज जब तुम्हारे पास हूँ तो रूठी हो!! कल जब बहुत दूर चला जाऊंगा तो सोचोगी, काश कुछ बातें और कर ली होती!!

तुम मुझे दुत्कारती रहो, और मैं तुम्हारे कदमों में बैठा रहूँ? कहो यही चाहत है न तुम्हारी!

Life is all about adjustment's Make it or Fake it..

जिसने स्वयं अपने बारे में भ्रम पाल रखे हों! दुनिया का कोई भी ज्ञानी उसे नही समझ सकता!!

इश्क़ राख हो चला है मेरा कितनी भी कोशिश करलो अब न सुलगेगी ! हैरान क्यू होती हो ये जानकर? इस आग की पहली तीली तुम्ही ने तो फेकी थी blueink#vikaskumarmishra

हवा जब कभी पुरानी चिंगारियों पर लगती है! दिल की ये आग पूरे शबाब से धधकती है! #blueink,#vikaskumarmishra

कहते हैं मुझमे अब वो बात नहीं चोट दिल की है या हालातों की, मालूम नही । जलवे अब वो न रहे जो दास्तानों में कैद है अफ़साने अंजाम हुए कबके और तारीखे मालूम नही । @Vikas kumar mishra

मैं हर बार डूबकर उभरता हूँ! कुछ तो बचा है मुझमें जो जिंदा रहना चाहता है!


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