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निश्छल निर्मल अमृत धार बने मेरे बेटे तो कुछ बात बनें। निश्छल निर्मल अमृत धार बने मेरे बेटे तो कुछ बात बनें।
क्योंकि कहने को तो अपने हैं वो पर अक्सर उन्हें भीड़ में दृष्टा बने हुए पाती हूँ। क्योंकि कहने को तो अपने हैं वो पर अक्सर उन्हें भीड़ में दृष्टा बने हुए पाती हू...
तेरे खयालातों में मैं हूँ, और मैं ही बस रहूँगी, इल्म है मुझे, तेरे खयालातों में मैं हूँ, और मैं ही बस रहूँगी, इल्म है मुझे,
धो डालो वो शिकवे जो कभी किसी ने किसी से कहे नहीं। धो डालो वो शिकवे जो कभी किसी ने किसी से कहे नहीं।
मगर ये दिल ही है जिसे अपना दर्द नहीं दिखता। मगर ये दिल ही है जिसे अपना दर्द नहीं दिखता।
बाँध दो अजनबियों को, अपनी चाँदी की डोरी से। बाँध दो अजनबियों को, अपनी चाँदी की डोरी से।
मैं स्याही हूँ अभिमान की। मैं स्याही अंतर्ज्ञान की। मैं स्याही हूँ अभिमान की। मैं स्याही अंतर्ज्ञान की।
जंगल में वृक्ष भी तो रहते हैं मिलकर प्यार से... जंगल में वृक्ष भी तो रहते हैं मिलकर प्यार से...