राजनारायण बोहरे का यह कथा सँग्रह विभिन्न विषयों पर लिखी उनकी कहानियों का संकलन है, जिसमें प्रेम, नफरत, बैर, हँसी के साथ आधुनिक समाज, स्त्री विमर्श औऱ विचार जगाती कहानियां है।
सभी डॉक्टर चकित थे, ऐसा रोग तो देखा, न सुना। दिल यूँ तो बाकायदा खून पंप कर रहा था सभी डॉक्टर चकित थे, ऐसा रोग तो देखा, न सुना। दिल यूँ तो बाकायदा खून पंप कर रहा थ...
अब मौका है अपने हाथ की उगाई गई उड़द की दाल का स्वाद तो लिया जाए अब मौका है अपने हाथ की उगाई गई उड़द की दाल का स्वाद तो लिया जाए
घुटन और उमस बहुत तेजी के साथ बढ़ती सी लग रही थी घुटन और उमस बहुत तेजी के साथ बढ़ती सी लग रही थी
प्राणी भी मनुष्य के प्रति प्रेम रखते हैं और मनुष्यों से भी प्रेम चाहते हैं। प्राणी भी मनुष्य के प्रति प्रेम रखते हैं और मनुष्यों से भी प्रेम चाहते हैं।
वातावरण में एक अजीब सी घुटन और उमस बहुत तेजी के साथ बढ़ती सी लग रही थी । वातावरण में एक अजीब सी घुटन और उमस बहुत तेजी के साथ बढ़ती सी लग रही थी ।
मम्मी की आंखे भींगी थी और वे रिंकू का सिर सहला रही थीं। मम्मी की आंखे भींगी थी और वे रिंकू का सिर सहला रही थीं।
अभय ने हाथ जोड़कर अपनी गलती मानी कि वह दूध में पानी मिलाकर सचमुच गलती करता है। अभय ने हाथ जोड़कर अपनी गलती मानी कि वह दूध में पानी मिलाकर सचमुच गलती करता है।
अब सैनिक चौंके और सनाका खा गये अब सैनिक चौंके और सनाका खा गये
सामने मिठाई का दौना है जिसमें से परसादी पाने लगे हैं सामने मिठाई का दौना है जिसमें से परसादी पाने लगे हैं
फिर क्या था, हुमायूं ने निर्णय कर लिया कि वे अगले ही दिन चित्तौड़ के लिए कूच करेंगे फिर क्या था, हुमायूं ने निर्णय कर लिया कि वे अगले ही दिन चित्तौड़ के लिए कूच करें...