मैं मीरा, थोड़ी अनजान और थोड़ी जानी पहचानी. कृष्ण के इंतज़ार में स्याहियों से कागज़ो को रंगती आज आपको सुना रही हूँ मेरे दोहे २०२० में. जरूर बताईये की कैसे लगे.
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