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मैं अब आईने जैसा तू एक मुखौटे जैसा मैं अब ना तुझसा तू ना अब मुझसा मैं अब आईने जैसा तू एक मुखौटे जैसा मैं अब ना तुझसा तू ना अब मुझसा
बारिश ने भी आज, सारी रात जगा दिया, और दो प्यार करने वालों की, कश्ती किनारे लगा दिया...! बारिश ने भी आज, सारी रात जगा दिया, और दो प्यार करने वालों की, कश्ती किनारे लगा द...
अपने प्रेमी को याद करते हुए...। अपने प्रेमी को याद करते हुए...।