I am a simple man.
सुकून की हसरत हम भी करते हैं, इसी चाह में तार तार हो गया हूं, सुकून की हसरत हम भी करते हैं, इसी चाह में तार तार हो गया हूं,
उसके तबस्सुम की गजब जादूगरी है, वीरान बस्ती भी गुलज़ार हो जाए। उसके तबस्सुम की गजब जादूगरी है, वीरान बस्ती भी गुलज़ार हो जाए।
कभी मुसकुराए किसी बात पर, चलो उन लम्हों को खोज लें, कभी मुसकुराए किसी बात पर, चलो उन लम्हों को खोज लें,