कविता पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है |
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जिनकी नज़रें मंज़िल पर होती है वो रास्तों की ठोकरों से नहीं डरते जिनके हौंसले बुलंद होते हैं वो हारने से कभी नहीं डरते | #विवेक रौशन