Yogeshwar Dayal Mathur
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RETIREE FROM A MULTINATIONAL CO. HOBBIES- PHOTOGRAPHY, WRITING SHORT STORIES, MUSIC, TABLA PLAYING.

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Don't go to sleep with regret for what you have not... Wakeup while thinking presence of best self Your lesser will perish The thought will make even Dwarf feel He is Tall

Don't go to sleep with regret for what you have not... Wakeup while thinking presence of best self Your lesser will perish The thought will make even Dwarf feel He is Tall

Don’t go to sleep with regret of what you have not… Wake up while thinking about presence of best self your lesser self will perish The thought will make even dwarf feel, he is tall!

जिंदगी के सफ़र में जो हम पीछे छोड़ आएं है उन्हें अब हम पा तो नहीं सकते पर कुछ बातें कुछ यादें कुछ लोग और उनसे बने रिश्ते वक्त की गर्द में दुंधला तो गए हैं पर कभी भुलाए नहीं जा सकते

बदगुमानी थी ग़ैरों से पता नहीं क्यों ज़हन में बदगुमानी थी ग़ैरों से उनकी अपनाइयत पर अफ़सोस हुआ अपने तंग नज़रिये पर जब देखा, रुख़सती पर कंधे तो ग़ैरों के भी थे

ज़िंदगी के रास्ते ज़िंदगी के रास्ते पर अजीबोगरीब मोड़ तो बहुत दिखाए तू-ने या-रब पर हम ही कहीं मुड़ न पाए और सीधे चलते गए रास्ता लंबा ज़रुर था और आसान भी न था पर सीधे रास्ते पर सुकून बहुत था और खूबसूरती भी

फ़ुरसत के लमहे कोशिश तो बहुत की जिंदगी भर खुद अपने से रूबरू होने की। पर ग़फ़लत भरी ज़िंदगी ने हमें इसकी मुहलत ही न दी । जब लोकडाउन में फ़ुरसत के ये लमहे आएं हैं तो दोस्तों, इन्हें ज़ाया मत करना।

संगे मज़ार ज़िंदगी के रास्ते पर संगेमील तो नहीं होते। पर कुछ मुकाम इस फासले का अहसास करा देते हैं। सफर का शुरुवाती पत्थर घर की दहलीज़ होता है और आख़िरी धय्या पर संगेमज़ार होता है।

कॉरोना की हसरत हसरत थी कॉरोना की सारी कायनात को अपने आगोश में लेने की बचे हैं वह लोग जिनमें हुनर है उससे दूर रहने का । ढूंढ रहा है ये कातिल उनको, जो उससे बचे हुए हैं अब तक । ऐसे अफलातून माहौल में महफूज़ हैं वह बंदे जो बंद हैं अपने घरों में क्यो की ये काफिर ऐसे घरों में घुसने की गुस्ताखी नहीं करता ।


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