Poet
कभी चर्चा करो हमसे, तुम्हीं अपने बखेड़ों पर। सँभलना तो पड़ेगा ही, समय के इन थपेड़ों पर कभी चर्चा करो हमसे, तुम्हीं अपने बखेड़ों पर। सँभलना तो पड़ेगा ही, समय के इन थ...