HOLD ON !Best is yet to come!
कितने कंघे झेले इन मूंछों के बाल ने, कितनो के आँसू पोछे कंधे के रुमाल ने! कितने कंघे झेले इन मूंछों के बाल ने, कितनो के आँसू पोछे कंधे के रुमाल ने!
कितने आँसू पोछे कंधे के रुमाल ने, आँखों को भिगोया कितनो की चाल ने, कितने आँसू पोछे कंधे के रुमाल ने, आँखों को भिगोया कितनो की चाल ने,
लेते हुए जुबान से नाम रणचंडी का , वो लाल, सपूतों की तलवारों का पानी, लेते हुए जुबान से नाम रणचंडी का , वो लाल, सपूतों की तलवारों का पानी,
कलम थी जानी पहचानी, फिर याद आयी पुरानी कहानी। कलम थी जानी पहचानी, फिर याद आयी पुरानी कहानी।
तिरंगे के नीचे दुश्मनों की क़ब्र सजा देंगे लाहौर को उसकी माता से मिला देंगे तिरंगे के नीचे दुश्मनों की क़ब्र सजा देंगे लाहौर को उसकी माता से मिला देंगे
नयनों में है वो दृश्य सजा, भुजाओं में है तीर खिंचा, मन मस्तिष्क मे तेरा अंत रचा ! नयनों में है वो दृश्य सजा, भुजाओं में है तीर खिंचा, मन मस्तिष्क मे तेरा अंत रच...