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Husan Ara
Literary Colonel
AUTHOR OF THE YEAR 2020 - NOMINEE

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उड़ान भरते सपने ,ज़मीन पर कदम, अठखेलियां करते विचार हरपल मन के गलियारे में,....... उन सपनों को जीती , कल्पनाओ में रहती मैं. और कहूँ क्या अपने बारे में Qualification- BSc with biology and post graduation with education . Won many prizes in various compititions. Love to read new books. always try... Read more

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Submitted on 31 Dec, 2020 at 11:17 AM

New are the promises New are the resolutions Situations will be new New will be solutions Life will going with all of the experience May the new year be filled with flowers and blossoms

Submitted on 04 Jul, 2020 at 12:53 PM

जब तक सहता रहेगा वो कहता रहेगा

Submitted on 04 Jul, 2020 at 12:47 PM

If you want to live your life happily have few friends replace bad ones n make new friends

Submitted on 04 Jul, 2020 at 12:43 PM

जब शोर मन में होता है कानों को कुछ और सुनाई कहां पड़ता है

Submitted on 04 Jul, 2020 at 12:37 PM

when someone told you about their problems just listen them don't give them advise everytime

Submitted on 26 Mar, 2020 at 13:43 PM

एक अरसा हुआ खुद को निहारा था शीशे में अब सोचता नही कोई सोचता क्या है मेरे बारे में

Submitted on 26 Mar, 2020 at 13:43 PM

एक अरसा हुआ खुद को निहारा था शीशे में अब सोचता नही कोई सोचता क्या है मेरे बारे में

Submitted on 17 Mar, 2020 at 09:29 AM

सवाल जब सादगी का आया तसव्वुर तुम्हारा आंखों में उतर आया

Submitted on 15 Mar, 2020 at 10:14 AM

जब कोई खुशी नही होती मनाने को कोई नई किताब शुरू करता हूं दिल लगाने को

Submitted on 03 Mar, 2020 at 09:27 AM

उसे देखकर उसके सब्र पर हैरान हूं मिठाई की दुकान में वो जो बच्चा काम करता है।

Submitted on 23 Feb, 2020 at 09:43 AM

जब इंसान का पेट भरा हुआ होता है तो वह खाने को फेकने में ज़रा भी दर्द महसूस नही करता।

Submitted on 19 Feb, 2020 at 03:25 AM

उत्कृष्ट परिवार की नींव उसके सदस्यों के मध्य प्रेम तथा सम्मान की भावना है।

Submitted on 19 Feb, 2020 at 03:21 AM

लफ़्ज़ों के खेल में कुछ लफ्ज़ दिल छू जाते हैं और कुछ दिल चीर जाते हैं।

Submitted on 07 Jan, 2020 at 12:09 PM

ताउम्र जिसे ज़िन्दगी से शिकायतें कई रहीं वो भी गुज़रा वक़्त याद कर के अक्सर रोता बहुत है

Submitted on 07 Jan, 2020 at 11:58 AM

ज़्यादतियों के बोझ से भी हौसला झुकेगा कहाँ थाम कर रख ना पाएगा वक़्त है रुकेगा कहाँ

Submitted on 07 Jan, 2020 at 11:54 AM

उनके करीब होने से लम्हे थम जाते हैं कुछ रिश्ते बनाए नही जाते, बस बन जाते हैं

Submitted on 07 Jan, 2020 at 11:51 AM

फ़ितरत बदलती नही दोस्तो रहना ज़रा सम्भलकर लोग आएंगे पास तुम्हारे चोला बदल बदल कर

Submitted on 07 Jan, 2020 at 11:48 AM

हैरान हूं मैं उसका सब्र देखकर वो बच्चा जो टॉफी की दुकान पर काम करता है

Submitted on 07 Jan, 2020 at 11:44 AM

मिला नही चिरागा कोई गुमनामी के अंधेरो में वो सितारा तड़पता रह गया चमकने को सवेरो में

Submitted on 28 Dec, 2019 at 20:39 PM

बाते हैं , बातो में सच्चाई और अफवाहें कई सारी होंगी दाव चला है हवाओं ने अब चिराग़ों की बारी होगी

Submitted on 11 Dec, 2019 at 10:00 AM

मिला नही चिरागा कोई गुमनामी के अंधेरो में वो सितारा तड़पता रह गया चमकने को सवेरो में

Submitted on 01 Dec, 2019 at 05:06 AM

अपने माता पिता के बहुत करीब हूँ मैं खुदा का शुक्र है खुशनसीब हूँ मैं

Submitted on 21 Oct, 2019 at 18:40 PM

मुझे जाने दो इन हवाओं के साथ जाऊंगा इनके घर बहते बहते देखूं अपने चिराग़ भी बुझाए है क्या कभी इन्होंने बहुत दिन हो गए सहते सहते

Submitted on 21 Oct, 2019 at 18:17 PM

चुनौतियों की सड़क से होते हुए मेहनत लगन की सीढ़ियों पर चढ़ना पड़ता है। खुशियों के आंगन में पहुंचने के लिए दुःखो के द्वार से होकर गुज़रना पड़ता है।

Submitted on 12 Oct, 2019 at 10:27 AM

क्या कभी तू बिना आग के रोटी सेकता है? भाग्य का बहाना करके , कर्म को मत छोड़ भाग्यविधाता हमारी कोशिश देखता है।।

Submitted on 12 Oct, 2019 at 10:23 AM

अपनी हर गलती का दोष , भाग्य पर मढ़ने से, सुधर जा ईश्वर ने दिमाग़ इसीलिए दिया है, इधर जा या उधर जा।

Submitted on 12 Oct, 2019 at 10:20 AM

आकर सब सवाल पूछते हैं जानते हैं मिट चुका हूं फिर भी मेरा हाल पूछते हैं

Submitted on 12 Oct, 2019 at 10:18 AM

आकर बैठे , दो बातें की बातो बातो में रूठ गए सब दोस्त ऐसे ही मिले मिले और छूट गए

Submitted on 12 Oct, 2019 at 06:30 AM

उसकी बातें तीर की तरह होती हैं सुननी ज़रूरी उसे तक़दीर की तरह होती हैं बेटा गलती करे , तब भी उसी की गलती निकलती हैं कुछ बहुएँ तो मूक तस्वीर की तरह होती हैं

Submitted on 10 Oct, 2019 at 15:03 PM

किसी की राह में कांटे बोना बहुत आसान है शायद हर कोई इस प्रोफेशन में आ रहा है देख रहा हूं ,झूठो को ऐश करते हुए मैं सच्चा तो डिप्रेशन में जा रहा है

Submitted on 10 Oct, 2019 at 14:46 PM

वो उसे अपनी जान कहता है जिससे कल तक अनजान था # 🤔

Submitted on 10 Oct, 2019 at 14:33 PM

फैल चुके हैं रंग सभी मिटा दुःखो का दौर जाती निशा हमे दे जाती जगती सुंदर भोर

Submitted on 06 Oct, 2019 at 11:02 AM

समय की सूई कितनी आगे निकल गई कैसी थी ज़िन्दगी रेत की तरह फिसल गई

Submitted on 02 Oct, 2019 at 18:20 PM

वो तो मेरी माँ की दुआ के असर से मेरे हौसलें डिगने वाले नही थे वर्ना मुझे मिटाने की तमन्ना रखने वाले तो कई थे।

Submitted on 28 Sep, 2019 at 09:49 AM

छोटी सी बात पर रो देतीं हैं छोटी सी खुशी के लिये हज़ारो ख्वाब संजो लेती हैं बहु बेटियां अपनों की खातिर अपना सर्वस्व खो देती हैं

Submitted on 26 Sep, 2019 at 16:29 PM

जब लगो पहुँचने ऊंचाइयों पर कभी किसी को गिराना नही लक्ष्य" जीत " होना चाहिए किसी को हराना नही!

Submitted on 25 Sep, 2019 at 20:09 PM

अपने माँ बाप के बहुत करीब हूँ मैं, खुदा का शुक्र है, खुशनसीब हूँ मै। हर लम्हा रहता हूँ मुहब्बत की गिरफ्त में हज़ारो कमियां है मुझमे ,मगर हरदिल अज़ीज़ हूँ मैं। हुस्न आरा

Submitted on 25 Sep, 2019 at 20:02 PM

माफी मांगते हो.. तो लो कर दिया माफ जाओ मगर हो सके तो एक बात बताओ.. तेरे वो अल्फ़ाज़ कैसे भूल जाऊं? अल्फ़ाज़ों के अंदाज़ कैसे भूल जाऊं? हुस्न आरा

Submitted on 25 Sep, 2019 at 19:39 PM

कभी जानने की कोशिश करते हो सच ? या लोगो की बातें सुनकर अपनी सोच बनाते हो। तुमको तो बदलाव लाना था तुम ही जल भुनकर. . आपस मे आग लगाते हो। हुस्न आरा

Submitted on 25 Sep, 2019 at 19:19 PM

काश मेरा घर किसी ने ना जलाया होता मेरे बाग़ का एक फूल भी न मुरझाया होता अब पता चला ,कितना दर्द होता है! काश कभी किसी का ,मैंने दिल न दुखाया होता। हुस्न आरा

Submitted on 25 Sep, 2019 at 19:11 PM

खुद को इतना कठिन बना लो ,कि कोई तुम्हे समझ न पाए वर्ना अक्सर खुली किताबों के पन्नों को इधर उधर बिखरे देखा है। हुस्न आरा


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